Answer in Details
Certainly! The
Kashi Vishwanath Stotram is a hymn dedicated to Lord Shiva in his form as Vishwanath (the Lord of the Universe), enshrined at Kashi (Varanasi). Here is a popular version of the stotra:
Kashi Vishwanath Stotram
नमामीशं ईशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपम्।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥ 1 ॥
निराकारमोंकारमूलं तुरीयं
गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्।
करालं महाकाल कालं कृपालं
गुणागार संसारपारं नतोऽहम्॥ 2 ॥
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं
मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्।
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गंगा
लसद्भाल बालेन्दु कण्ठे भुजंगा॥ 3 ॥
चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्।
मृगाधीश चर्माम्बरं मुण्डमालं
प्रियं शंकरं सर्वनाथं भजामि॥ 4 ॥
प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं
अखण्डं अजं भानुकोटि प्रकाशम्।
त्रयः शूल निर्मूलनं शूलपाणिं
भजेऽहं भवानीपतिं भावगम्यम्॥ 5 ॥
कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी
सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी।
चिदानन्द संदोह मोहापहारी
प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी॥ 6 ॥
न यावद् उमानाथ पादारविन्दं
भजंतीह लोके परे वा नराणाम्।
न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं
प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासम्॥ 7 ॥
न जानामि योगं जपं नैव पूजां
नतोऽहं सदा सर्वदा शम्भु तुभ्यम्।
जराजन्म दुःखौघ तातप्यमानं
प्रभो पाहि आपन्नमामीश शम्भो॥ 8 ॥
॥ इति काशीविश्वनाथाष्टकम् ॥
This stotra is a beautiful prayer, praising Lord Shiva’s various attributes as the Lord of Kashi, the destroyer of sins, and the giver of liberation. Chanting or listening to this stotra with devotion is believed to bring immense spiritual benefit and the blessings of Lord Shiva.